हमारे बारे में

गाँव के पास, भरोसे का इलाज

SB Health Centre एक आयुर्वेदिक क्लिनिक और दवाख़ाना है, जो अनवलखेड़ा में चलता है। यहाँ आपकी बात सुनी जाती है, इलाज समझाया जाता है, और हर चीज़ का लिखित हिसाब दिया जाता है।

हमारी शुरुआत

तीन पीढ़ियों से यही काम

इस परिवार में इलाज का काम नया नहीं है। डॉ. अरुण कुमार के दादाजी वैद्य श्याम बाबू गाँव-देहात के लोगों का आयुर्वेदिक इलाज करते थे, और उनके बाद पिताजी ने यह काम आगे बढ़ाया। क्लिनिक का नाम भी उन्हीं के नाम पर है।

यहाँ आने वाले ज़्यादातर लोग आस-पास के गाँवों से हैं — किसान, मज़दूर, बुज़ुर्ग और बच्चे। इसलिए बात उसी भाषा में होती है जो सबको समझ आए, और ख़र्च पहले ही बता दिया जाता है, बाद में नहीं।

डॉ. अरुण कुमार क्लिनिक पर मरीज़ की पर्ची लिखते हुए
डॉ. अरुण कुमार, B.A.M.S.

डॉ. अरुण कुमार

B.A.M.S. • आयुर्वेदिक चिकित्सक
पढ़ाई B.A.M.S. — Dr. Bhimrao Ambedkar University, Agra
पंजीकरण Board of Ayurvedic and Unani Tibbi Systems of Medicine, Uttar Pradesh
क्लिनिक SB Health Centre, Near Gayatri Shaktipeeth, Anwalkhera, Uttar Pradesh – 283201
हमारी सेवाएँ

हम क्या-क्या करते हैं

छोटी-बड़ी हर ज़रूरत के लिए एक ही जगह — डॉक्टर से मिलना और दवा लेना, दोनों यहीं हो जाता है।

क्लिनिक पर परामर्श

आमने-सामने जाँच और बातचीत। पहले से समय लेने पर इंतज़ार कम होता है।

मोबाइल पर वीडियो परामर्श

दूर रहते हैं या आना मुश्किल है, तो तय समय पर वीडियो कॉल से बात हो जाती है।

दवाइयों का दवाख़ाना

क्लिनिक के काउंटर पर दवा मिलती है, और ज़रूरत हो तो घर तक भेजी भी जाती है।

पूरे घर के लिए एक ही नंबर

एक ही मोबाइल नंबर से घर के कई लोगों का समय लिया जा सकता है। हर बार नया फ़ॉर्म भरने की ज़रूरत नहीं।

फ़ोन और WhatsApp पर मदद

समय लेना हो, दवा मंगवानी हो, या रास्ता पूछना हो — फ़ोन कर लीजिए।

कागज़ और हिसाब

जो कागज़ आपको मिलते हैं

यहाँ से कोई ख़ाली हाथ नहीं जाता। जो सलाह मिली और जो ख़र्च हुआ, दोनों लिखकर आपके हाथ में आते हैं।

पर्ची डॉक्टर की लिखी सलाह और दवाइयाँ। छपी हुई पर्ची, ताकि बाद में पढ़ी जा सके।
परामर्श की रसीद डॉक्टर की फ़ीस की अलग रसीद, तारीख़ और नंबर के साथ।
दवा का बिल दवा का नाम, दाम, छूट और कुल रकम साफ़ लिखी होती है। ज़ुबानी हिसाब नहीं।

ये तीनों कागज़ आपके पास रहते हैं। किसी दूसरे डॉक्टर को दिखाना हो, या घर पर किसी को समझाना हो — सब लिखा हुआ साथ रहता है।

दवाइयों के बारे में

दवा देने में हम क्या ध्यान रखते हैं

दवा सेहत की चीज़ है, सौदा नहीं। इसलिए देने से पहले कुछ बातें हर बार देखी जाती हैं।

एक्सपायर दवा आपके हाथ में नहीं आएगीहर दवा की एक्सपायरी पहले से दर्ज रहती है। तारीख़ निकल चुकी दवा दी ही नहीं जा सकती।

कभी शिकायत हो तो पता चल जाता हैहर दवा का बैच बिल पर लिखा रहता है। कोई दिक्कत हो तो बिल दिखा दीजिए, बाक़ी हम देख लेंगे।

जितनी ज़रूरत, उतनी ही दवाचार गोली चाहिए तो चार का ही दाम लगेगा। पूरा पत्ता ख़रीदने की मजबूरी नहीं।

ग़लत दवा नहीं दी जातीकुछ दवाइयाँ डॉक्टर की पर्ची देखने के बाद ही दी जाती हैं — आपकी सुरक्षा के लिए।

आना मुश्किल हो तो घर भेज देंगेबुज़ुर्ग हों, बारिश हो, या दूरी ज़्यादा — दवा घर तक पहुँचाई जा सकती है।

ऑनलाइन दवा

घर से दवा कैसे मंगवाएँ

मोबाइल से थोड़ी देर का काम है। न हो पाए तो फ़ोन कर दीजिए, हम आपका ऑर्डर बना देंगे।

दवाइयों की सूची खोलिए

नीचे “दवाइयाँ देखें” पर दबाइए। दवा का नाम लिखकर खोज भी सकते हैं।

दवा चुनिए, कितनी चाहिए बताइए

जितनी ज़रूरत हो उतनी ही लीजिए। दाम वहीं दिख जाएगा, बाद में कोई बात नहीं बदलेगी।

पता और मोबाइल नंबर भरिए

घर का पूरा पता और चालू नंबर लिखिए, फिर पैसे दे दीजिए।

दवा घर पर मिलेगी

दवा भेज दी जाएगी। कहाँ तक पहुँची, यह आपके खाते में दिखता रहेगा।

दवा ख़त्म हो गई और वही दवा फिर चाहिए? सूची देखने की ज़रूरत नहीं — फ़ोन कर दीजिए।

इलाज का तरीका

इलाज कैसे किया जाता है

बड़े-बड़े दावे नहीं। बस वही बातें, जिनका हर मरीज़ के साथ ध्यान रखा जाता है।

पहले पूरी बात सुनी जाती हैसिर्फ़ एक तकलीफ़ नहीं — दिनचर्या, खान-पान और नींद, सब पूछकर समझा जाता है।

जल्दबाज़ी नहींसबकी परेशानी अलग होती है, इसलिए बात पूरी होने तक समय दिया जाता है।

दवा का समय और दिन साफ़ लिखा जाता हैकौन सी दवा, कब, और कितने दिन — पर्ची पर लिखा होता है, ताकि घर पर उलझन न हो।

दोबारा कब दिखाना है, बताया जाता हैअगली बार कब आना है और क्या साथ लाना है — यह भी पर्ची पर लिख दिया जाता है।

आपकी बात आपकी रहती हैक्लिनिक मरीज़ की फ़ोटो नहीं रखता, और आपकी तकलीफ़ की बात किसी और से नहीं होती।

सवाल पूछने में झिझक की ज़रूरत नहींसमझ न आए तो दोबारा पूछ लीजिए। समझाना भी इलाज का हिस्सा है।

एक बार आकर देखिए

तकलीफ़ छोटी हो या पुरानी, एक बार बात करने से बहुत कुछ साफ़ हो जाता है।