जिगर (लिवर) की सेहतLiver Health
जिगर खाना पचाने और ख़ून साफ़ करने का काम करता है। इस पर ज़ोर पड़े तो थकान, भूख कम होना और पेट भारी रहना शुरू हो जाता है।
जिगर की तकलीफ़ भी चुपचाप बढ़ती है। बहुत बार यह जाँच में पकड़ में आती है, जब लिवर की रिपोर्ट में गड़बड़ दिखती है, या पेट की सोनोग्राफ़ी में फैटी लिवर निकलता है।
शराब, बाहर का तला-भुना खाना, बढ़ा हुआ वज़न और बिना बताए ली गई दवाइयाँ — जिगर पर सबसे ज़्यादा असर इन्हीं का पड़ता है। इनमें से जो बात आप पर लागू हो, वह डॉक्टर को साफ़ बता दीजिए।
जिन परेशानियों में लोग दिखाने आते हैं
इनमें से कोई बात आपसे मिलती-जुलती लगे तो एक बार दिखा लीजिए।
- फैटी लिवर
- पीलिया
- भूख कम लगना, जी मिचलाना
- पेट भारी रहना और गैस
- लगातार थकान और कमज़ोरी
- लिवर की रिपोर्ट में गड़बड़ी
- शराब से जुड़ी परेशानी
- पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द
कब देर नहीं करनी चाहिए
नीचे दी गई कोई बात दिखे तो इंतज़ार मत कीजिए — तुरंत डॉक्टर को दिखाइए या नज़दीकी अस्पताल जाइए।
- आँखों या त्वचा का पीला पड़ना
- पेट में पानी भरना या बहुत सूजन
- उल्टी में ख़ून या काला मल
- बहुत नींद आना, बात में उलझन
- तेज़ बुख़ार के साथ पेट दर्द
दिखाने आने पर क्या होता है
कोई लंबी प्रक्रिया नहीं। चार बातें, हर मरीज़ के साथ एक जैसी।
आपकी पूरी बात सुनी जाती है
तकलीफ़ कब से है, कैसे बढ़ती है, खान-पान और नींद कैसी है — सब पूछा जाता है। बीच में टोका नहीं जाता।
जाँच और पुरानी रिपोर्ट देखी जाती है
आमने-सामने जाँच होती है। पुरानी रिपोर्ट या चल रही दवा साथ हो तो वह भी देखी जाती है।
आसान भाषा में सलाह और छपी पर्ची
क्या करना है, कौन सी दवा कब और कितने दिन — सब पर्ची पर लिखा मिलता है, ताकि घर पर उलझन न हो।
दवा और दोबारा कब दिखाना है
दवा क्लिनिक के काउंटर पर मिलती है, या घर तक भेजी जा सकती है। अगली बार कब आना है, यह भी बता दिया जाता है।
घर पर ध्यान रखने की बातें
ये आम सलाह है। आपके लिए क्या ठीक है, यह दिखाने के बाद तय होता है।
- शराब पूरी तरह बंद कीजिए
- तला-भुना और बाहर का खाना घटाइए
- वज़न ज़्यादा है तो धीरे-धीरे कम कीजिए
- कोई भी दवा या देसी नुस्खा बिना पूछे लंबे समय तक मत लीजिए
जिगर (लिवर) की सेहत — एक बार दिखा लीजिए
पहले से समय ले लेने पर इंतज़ार कम होता है। आना मुश्किल हो तो मोबाइल पर वीडियो से भी बात हो सकती है।
यह पृष्ठ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी परेशानी की जाँच और इलाज डॉक्टर से मिलने के बाद ही तय होता है। आपातकाल में तुरंत नज़दीकी अस्पताल जाइए।
