वज़न और शुगरWeight & Metabolism
वज़न, शुगर और कोलेस्ट्रॉल अक्सर साथ चलते हैं। खान-पान, नींद और दिनचर्या से इन पर सीधा फ़र्क़ पड़ता है।
बढ़ा हुआ वज़न अकेला नहीं आता — उसके साथ शुगर, कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर और जोड़ों का दर्द भी जुड़ने लगते हैं। इसलिए इन्हें अलग-अलग देखने से बात पूरी नहीं बनती।
यहाँ सिर्फ़ दवा पर बात ख़त्म नहीं होती। क्या खाते हैं, कब खाते हैं, कितना चलते हैं और नींद कैसी है — यह सब पूछा जाता है, क्योंकि असली फ़र्क़ इन्हीं से पड़ता है।
जिन परेशानियों में लोग दिखाने आते हैं
इनमें से कोई बात आपसे मिलती-जुलती लगे तो एक बार दिखा लीजिए।
- बढ़ता वज़न और पेट निकलना
- शुगर (डायबिटीज़) और प्री-डायबिटीज़
- कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड बढ़ा हुआ
- फैटी लिवर
- यूरिक एसिड बढ़ा हुआ
- थकान और सुस्ती बनी रहना
- थायरॉइड की जाँच और सलाह
- ख़ून की कमी के साथ कमज़ोरी
कब देर नहीं करनी चाहिए
नीचे दी गई कोई बात दिखे तो इंतज़ार मत कीजिए — तुरंत डॉक्टर को दिखाइए या नज़दीकी अस्पताल जाइए।
- बहुत जल्दी और बिना कोशिश वज़न घटना
- बहुत ज़्यादा प्यास, पेशाब और भूख लगना
- छाती में दर्द या साँस फूलना
- पैर में घाव जो भर ही न रहा हो
- आँखों से धुँधला दिखने लगना
दिखाने आने पर क्या होता है
कोई लंबी प्रक्रिया नहीं। चार बातें, हर मरीज़ के साथ एक जैसी।
आपकी पूरी बात सुनी जाती है
तकलीफ़ कब से है, कैसे बढ़ती है, खान-पान और नींद कैसी है — सब पूछा जाता है। बीच में टोका नहीं जाता।
जाँच और पुरानी रिपोर्ट देखी जाती है
आमने-सामने जाँच होती है। पुरानी रिपोर्ट या चल रही दवा साथ हो तो वह भी देखी जाती है।
आसान भाषा में सलाह और छपी पर्ची
क्या करना है, कौन सी दवा कब और कितने दिन — सब पर्ची पर लिखा मिलता है, ताकि घर पर उलझन न हो।
दवा और दोबारा कब दिखाना है
दवा क्लिनिक के काउंटर पर मिलती है, या घर तक भेजी जा सकती है। अगली बार कब आना है, यह भी बता दिया जाता है।
घर पर ध्यान रखने की बातें
ये आम सलाह है। आपके लिए क्या ठीक है, यह दिखाने के बाद तय होता है।
- रोज़ 30 मिनट पैदल चलिए, धीरे शुरू कीजिए
- चीनी, मैदा और तली चीज़ें घटाइए
- खाना समय पर खाइए, रात का खाना जल्दी
- शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जाँच समय-समय पर करवाइए
वज़न और शुगर — एक बार दिखा लीजिए
पहले से समय ले लेने पर इंतज़ार कम होता है। आना मुश्किल हो तो मोबाइल पर वीडियो से भी बात हो सकती है।
यह पृष्ठ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी परेशानी की जाँच और इलाज डॉक्टर से मिलने के बाद ही तय होता है। आपातकाल में तुरंत नज़दीकी अस्पताल जाइए।
